Breaking Newsअपराधउत्तर प्रदेशराज्य

कमिश्नर का शासकीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण: अनुपस्थित अधिकारियों के स्पष्टीकरण और वेतन रोकने के दिए निर्देश

रिपोर्ट: राकेश वर्मा
आजमगढ़

आजमगढ़। मण्डलायुक्त विवेक ने बुधवार को विकास भवन में स्थित समस्त शासकीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न कार्यालयों में बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। मण्डलायुक्त ने अनुपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया और उन्हें सख्त निर्देश दिए कि यदि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति पाई जाती है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए

कमिश्नर ने निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित रहे अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा। जिनमें डूडा कार्यालय के सीएमएम गोपाल राम, सीओ अमरीश यादव, सीएलटीएल अंकित कुमार पटेल, और अन्य कई वरिष्ठ और कनिष्ठ सहायक शामिल थे। इसके अतिरिक्त सहकारिता विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, लघु सिंचाई विभाग और पंचायतीराज विभाग के कर्मचारी भी अनुपस्थित पाए गए।

स्पष्टीकरण और वेतन रोकने के निर्देश

मण्डलायुक्त ने अनुपस्थित कर्मचारियों के वेतन को निरीक्षण तिथि से रोकने और उन्हें स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और वाहन चालकों से भी स्पष्टीकरण तलब किया।

मुख्य द्वार बंद कर किया निरीक्षण

मण्डलायुक्त ने निरीक्षण से पूर्व विकास भवन के मुख्य द्वार को बंद कराया और क्रमवार सभी कार्यालयों में उपस्थिति का जायजा लिया। बाल विकास एवं पुष्टाहार कार्यालय के निरीक्षण के दौरान, उन्होंने प्रधान सहायक उपेन्द्र राय द्वारा कर्मचारियों के सम्बद्धीकरण के संबंध में गलत जानकारी देने पर सख्त नाराजगी व्यक्त की और उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया।

समय पर कार्यालय में उपस्थिति की आवश्यकता

मण्डलायुक्त ने अपने कार्यालय में उपस्थित अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि वे समय पर कार्यालय में उपस्थित रहें और अधीनस्थ कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, संयुक्त विकास आयुक्त धर्मेन्द्र प्रताप सिंह और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button